देहरादून। उत्तराखंड बजट सत्र के चौथे दिन नियम-58 के तहत चर्चा में विधायक प्रीतम सिंह ने स्वास्थ्य सुविधाओं का मामला उठाया। वहीं, विधायक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि द्वाराहाट सीएचसी में पद स्वीकृत होने के बावजूद डॉक्टर नहीं हैं। प्रदेश में बड़ी बड़ी इमारतें तो बना रहे हैं लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं। जो डॉक्टर पहाड़ में रहना चाहते हैं, उन्हें रहने दिया जाए। विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कहा कि जिला अस्पताल में लोग दूर से आते हैं। पहाड़ में सड़कों की जैसी स्थिति होती है, बहुत परेशानी होती है। चमोली जनपद के गोपेश्वर जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं हैं। श्रीनगर का मेडिकल कॉलेज केवल रेफर सेंटर बना हुआ है। देहरादून में हर आधा किलोमीटर पर अस्पताल है लेकिन पहाड़ में मानक का हवाला दिया जाता है। पलायन का सबसे बड़ा कारण स्वास्थ्य है। लोग गांव को इसलिए छोड़ रहे हैं कि उन्हें समय से इलाज मिल जाये। श्रीनगर को विश्व स्तरीय मेडिकल कॉलेज बनाया जाए। शनिवार को भी चलेगा सत्र, कार्य मंत्रणा में एजेंडा तयबजट सत्र शनिवार को भी चलेगा। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण की अध्यक्षता में हुई कार्य मंत्रणा समिति ने एजेंडा तय किया। कार्य मंत्रणा की समिति में विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग फिर दोहराई। बृहस्पतिवार को सदन में बजट पेश होने के बाद सियासी चर्चा थी कि शुक्रवार को सत्रावसान हो सकता है। कार्य मंत्रणा की बैठक में तय किया गया कि शुक्रवार को विधेयक पारित करने के साथ ही बजट पर चर्चा शुरू की जाएगी। सत्र शनिवार को भी चलेगा।
