
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। शेर नाला और सूर्या नाला में पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण हल्द्वानी-चोरगलिया-सितारगंज राज्य मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली जिले में रातभर हुई भारी बारिश से मलारी हाईवे पर स्थित तमक नाला में बाढ़ आ गई, जिससे वहां बना मोटर पुल बह गया। इसके चलते चीन सीमा से लगे नीती घाटी का अन्य क्षेत्रों से संपर्क फिर से कट गया है। गौरतलब है कि यह हाईवे लाता गांव के पास तीन दिनों से बंद था और शनिवार को ही 56 घंटे बाद खुला था। हाईवे के खुलने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ सेना और आईटीबीपी के जवानों को भी राहत मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर यह मार्ग बाधित हो गया है। इन दिनों नीती घाटी में ग्रामीण अपने आराध्य देवताओं की पूजा में व्यस्त हैं, ऐसे में बाहर से लौट रहे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।
यमुनोत्री क्षेत्र की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है। स्याना चट्टी में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से मोटर पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। मलबा जमा होने के कारण जलस्तर और बढ़ गया है, जिससे पूरा कस्बा जलमग्न हो गया है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है। गढ़वाल मंडल विकास निगम का अतिथि गृह और एक स्कूल परिसर भी पूरी तरह पानी में डूब गए हैं। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए स्याना चट्टी रवाना हो गए हैं।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्याना चट्टी, जर्जर गाड़, बनास और नारदचट्टी जैसे कई स्थानों पर मार्ग बाधित हैं। वहीं गंगोत्री हाईवे पर धरासू बैंड और नेताला के पास भी रास्ता बंद है। संबंधित विभाग मार्गों को सुचारु करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
