बारिश न होने के कारण सूखी ठंड और घने कोहरे का असर बढ़ गया

उत्तराखंड में बारिश न होने के कारण सूखी ठंड और घने कोहरे का असर बढ़ता जा रहा है, जिससे जनजीवन और यातायात सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 27, 28 और 29 दिसंबर तक राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान हरिद्वार, देहरादून, ऊधमसिंहनगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के मैदानी इलाकों में घने कोहरे के चलते शीत दिवस जैसी स्थिति बनने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। ठंडी हवाओं के कारण ठिठुरन और बढ़ने की आशंका है।

हालांकि, नए साल पर मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने 30 और 31 दिसंबर तथा 1 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। केदारनाथ और बदरीनाथ सहित 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।

दिसंबर में बर्फबारी न होने से सेब उत्पादकों की चिंता बढ़ गई है। बर्फबारी से मिलने वाली प्राकृतिक नमी न मिलने पर सेब समेत अन्य फलों में समय से पहले फूल आ सकते हैं, जिससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।

बारिश की कमी का असर रबी की फसलों पर भी दिखने लगा है। संयुक्त निदेशक कृषि (नियोजन) दिनेश कुमार के अनुसार, मानसून के दौरान नमी अच्छी रही, लेकिन अब फसलों के लिए एक बारिश बेहद जरूरी है। यदि एक सप्ताह के भीतर बारिश नहीं होती है, तो मैदानी इलाकों में गेहूं, जौ, मसूर, सरसों, लाई, तोर और चना की फसलें प्रभावित हो सकती हैं। वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकांश खेती असिंचित होने के कारण फसलों को अधिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।

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