
नैनीताल आंचल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड, लालकुआं द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती के अवसर पर नैनीताल क्लब में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उनके जीवन, आदर्शों और जनसेवा के प्रति समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम का आयोजन दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर जिले में स्वच्छ दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला योजना के अंतर्गत 3500 किटों का वितरण किया गया। साथ ही दुग्ध उत्पादकों के लिए जनजागरूकता गोष्ठी आयोजित कर उन्हें आधुनिक पशुपालन तकनीक और दुग्ध विपणन की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में 78 लाभार्थियों को कुल 1 लाख 17 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले दुग्ध उत्पादकों को सम्मानित भी किया गया, जिससे किसानों में उत्साह देखने को मिला।
मुख्य अतिथि विधायक सरिता आर्या ने अपने संबोधन में ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों से पशुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की और इस दिशा में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा के नेतृत्व में प्रदेश का डेयरी क्षेत्र लगातार सशक्त हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 18 महीनों में दूध के मूल्य में 13 रुपये की वृद्धि की गई है, जिससे पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
उन्होंने यह भी बताया कि साइलेज अनुदान को 30 करोड़ से बढ़ाकर 40 करोड़ तथा दुग्ध प्रोत्साहन राशि को 30 करोड़ से बढ़ाकर 35 करोड़ किया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि और आत्मनिर्भरता को बल मिल रहा है।
मुकेश बोरा ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके सिद्धांतों पर चलकर ही प्रदेश का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कहा कि “आंचल” ब्रांड को हर घर तक पहुंचाना और स्वच्छ दूध उत्पादन को बढ़ावा देना संघ की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम का संचालन संजय सिंह भाकुनी ने किया। इस अवसर पर भीमताल ब्लॉक प्रमुख हरीश बिष्ट, भाजपा मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, मंडी परिषद सलाहकार मनोज जोशी, सांसद प्रतिनिधि गोपाल रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक उपस्थित रहे।









