
उत्तराखंड में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में ऊधमसिंह नगर जिले की जसपुर तहसील के अहमद नगर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने एक कथित अवैध धार्मिक निर्माण को प्रशासन ने बुलडोजर की मदद से हटा दिया। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय सीमा तक निर्माण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर जसपुर के उप जिलाधिकारी राहुल शाह के नेतृत्व में क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बने अवैध निर्माणों का सर्वे कराया गया था। सर्वे के दौरान अहमद नगर स्थित सरकारी भूमि पर बने एक धार्मिक ढांचे को अवैध निर्माण के रूप में चिन्हित किया गया।
प्रशासन के मुताबिक, करीब तीन सप्ताह पहले संबंधित स्थल पर नोटिस चस्पा कर भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर कोई भी व्यक्ति या संस्था आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सकी।
इसके बाद बुधवार सुबह राजस्व और पुलिस विभाग की मौजूदगी में प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर निर्माण को हटा दिया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि पूरी कार्रवाई नियमानुसार की गई। उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण के दौरान स्थल पर किसी प्रकार के धार्मिक अवशेष या अन्य सामग्री नहीं मिली। कार्रवाई पूरी होने के बाद राजस्व विभाग ने भूमि को समतल कर सरकारी कब्जे में ले लिया।
प्रशासन ने दोहराया कि सरकारी भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण या अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। बिना अनुमति सरकारी जमीन पर निर्माण करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्यभर में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस अभियान के तहत अब तक प्रदेश में लगभग 600 अवैध धार्मिक संरचनाएं हटाई जा चुकी हैं, जबकि करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर दोबारा सरकारी कब्जे में लिया गया है।







